प्रभातकालीन मधेश

शुक्रवार, 25 नवंबर 2011

दहेज़ मुक्त मिथिला बनाबू@प्रभात राय भट्ट

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  समाजक कलंक बनल अछि तिलक दहेज़ // की जाने लोग कोना करैया एकरा परहेज //२ बेट्टा बनल अछि मालजाल बाप बनल पैकारी दहेजक आईगमें जईर रहल अछि बह...
गुरुवार, 24 नवंबर 2011

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रोटी रोजीक खोजी@प्रभात राय भट्ट नेपालक मधेस प्रान्तमें महोतरी जिलाक धिरापुर गामक बर्ष ३० के भोला खत्बेक जीवनचक्र पैर आध...
1 टिप्पणी:
शनिवार, 19 नवंबर 2011

बढ़ल परेशानी चढ़ल जवानी@प्रभात राय भट्ट

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लालपुर के हम लालपरी ललमुनिया हमर नाम रुसल फूलल सभक दिल बह्लाबक अछि हमर काम एक तेह हमर चढ़ल जवानी दोसर जान मरैय सावनके पानी हाय रामा........

उर्वरभूमि बनाएब हम अपन धरती@प्रभात राय भट्ट

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विचित्र सृष्टिक रचैता हे ईस्वर // सभक सुदी रखैयबाला परमेश्वर // २ गरीबक जिनगी की अछि बेकार किये करैया लोग हमर त्रिष्कार पैघ मनुख किये दैय...
सोमवार, 14 नवंबर 2011

संक्रमणकालिन देसमा सत्ताको खेल@प्रभात राय भट्ट

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कुनै बेला संसारकै सामुशान्तिको देस भनेर नेपाल लाई चिन्हीन्थ्यो हुनत सत्तासिन क्रुर शाषकहरु द्द्वारा गरिब र निमुखा जनताहरुमाथि आन्तरिकरुपमा द...
शनिवार, 12 नवंबर 2011

हम है मधेशी यह मधेश है हमरा@प्रभात राय भट्ट

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जय मातृभूमि जय मधेश माँ तेरे चरनोमें है हमरा प्रणाम तेरे ही गोदमें है मिथिलाधाम जहाँ मोहित हुये भगवान राम जहाँ हो राजर्षिजनक जैसे पिता वहा...
शुक्रवार, 11 नवंबर 2011

मैं तेरही हूँ सनम@प्रभात राय भट्ट

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चाहे तू मुझे जितना भी ठुकरादो चाहो तो नजरों से भी मुझे गिरादो पर दिल से कभी निकल नहीं पाओगी तू जहाँ भी जाओगी मुझे साथ पाओगी कल तुने सपनेमे ...
गुरुवार, 10 नवंबर 2011

जरा दिल से मुश्कुरादेना@प्रभात राय भट्ट

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मैं एक पंक्षी हूँ मेरा नहीं एक ठेगाना आज यहाँ हूँ कल कहीं और हैं जाना सारे कश्मे सारे वादें आज हैं निभाना कल कहाँ जाना हैं ये मैंने भी नहीं...
मंगलवार, 8 नवंबर 2011

दहेज बनल हमर अभिशाप@प्रभात राय भट्ट

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सभक बियाह भेलई यौ बाबु // हमर लगन लगतै कहिया ...//२ नन्हका छौराछेबारी बनल बाप दहेज बनल हमर अभिशाप बड़का बटुआ बाबु सियौनेछी हमर जिया किये तर...
सोमवार, 7 नवंबर 2011

दहेज़ की आग लगी है@प्रभात राय भट्ट

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कहीं  दीपा जली है कहीं ज्योति  जली है जैसे लग रहा है दहेज एक नरसंघार बना है दहेज़ बना नरसंघार यहाँ अब बेट्टी वाले जायेंगे कहाँ //२ कहीं  बे...

नेता जी नेता जी@प्रभात राय भट्ट

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नेता जी नेता जी आपने जो भी सोचा है आपके उस हरेक बातोंमें ढेर शारी लोचा है आपकी कुर्सी के चकरमें बंद हड़ताल होता है कभी आपने सोचा है  गरीबों क...
शुक्रवार, 4 नवंबर 2011

की आभू चेत रे भाई@प्रभात राय भट्ट

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सब दिन लोक क केलेय बुराई केलेय ने कखनो केकरो  भलाई दमन शोषण रूपी तू कसाई करनिक भरनी सं भेलौ जग हँसाई अपना  ऊपर परलौ तेह करैछे हाय हाय की आभू...
शनिवार, 29 अक्टूबर 2011

माए यसोदा अहि छि हमर भौजी@प्रभात राय भट्ट

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भौजीमे देखलौं माए कय सूरत लागैछ्थिन ओ ममता कय मूरत माए कय ममता अहां देलौं जेना भौजी अहांक दुलार बिसर्बैय कोना ममताक आंचैरमें हमरा रखलौं अहा...

उग हो सुरुजदेव@प्रभात राय भट्ट

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उग हो सुरुजदेव देब हम अर्घ चढाय-------// हे छठी मईया होऊ नए हमरो पैर सहाय--// हाथ अर्घ लेने हम जलमें ठार उग हो सुरुजदेव सुनियौ  नए हमरो ...

आबिगेलई छठी पूजा@प्रभात राय भट्ट

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गाम आबू नए पिया आबिगेलई छठी पूजा अहां बिनु आर कियो नहीं अछि हमर दूजा पिया वितल कोजगरा दशहरा आर दिवाली हाली हाली पकैरलिय एक्सप्रेस आम्रपाली  ...
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