प्रभातकालीन मधेश

शुक्रवार, 20 अप्रैल 2012

मधेशी नेताहरु को भूल र प्राश्चित@प्रभात राय भट्ट

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मधेशी नेताहरु को भूल र प्राश्चित मधेशी नेताहरूले विगतका समयमा गरेको गलती स्विकार्दै प्राश्चित हुने तत्परता व्यक्त गरेका छन !यिनीहरुले गरेका...
गुरुवार, 19 अप्रैल 2012

गजल@प्रभात राय भट्ट

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                 गजल                              हमरा बिसैइर प्रीतम अहाँ जाएब कतय एहन  प्रगाढ़ प्रेम स्नेह अहाँ पाएब कतय टुईट नै सकैय प्री...
बुधवार, 18 अप्रैल 2012

गजल@प्रभात राय भट्ट

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                                 गजल दिल के दर्द दिल में दबौने नैयन में नोर नुकौने छि के जानत हमर दिल के ब्यथा मुश्कैत ठोर देखौने छि वेदना ...
मंगलवार, 17 अप्रैल 2012

कविता@प्रभात राय भट्ट

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मिथिला में मिथिलाक कर्णधार सभक बिच किछुदीन सं शीतयुद्ध चली रहलअछ कखनो होलिक रंग भजेतअछ वेरंग कखनो जुड़सीतल में फेकल थाल कादो क दाग कखनो फागक...
सोमवार, 16 अप्रैल 2012

गजल@प्रभात राय भट्ट

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              गजल एकटा बात कहू सजनी जौं हम नै रहब तं अहाँ रहब कोना छोड़ी चलिजाएब जौं परदेश विरह कें दुःख अहाँ सहब कोना पल पल हर पल हम रहैत...
रविवार, 15 अप्रैल 2012

गजल@प्रभात राय भट्ट

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                गजल राईत दिन हम अहींक सुरता पिया कएने छि दूर रहिक हमरा सं हमरा किया सतएने छि कमला कोशी लेलक उफान मारैय हमर जान बनी कें अ...
शनिवार, 14 अप्रैल 2012

गजल@प्रभात राय भट्ट

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               गजल चन्दन  कें गाछ पर बसेरा होए छै सांप कें   जेना कान्हा पर बौआ सबारी होए छै बाप कें बड दुःख उठा बाप बौआ के पैघ बनाबै छै...
मंगलवार, 10 अप्रैल 2012

गजल@प्रभात राय भट्ट

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         आइ अनचिन्हार आखर कें जन्म दिन थिक बर्ख 2008मे आइए केर तारीखसँ अ.आ मने अनचिन्हार आखर शुरू भेल अछि इ जानकारी आशीष अनचिन्हार जी द्द्...

संबाद@:-प्रभात राय भट्ट

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                    संबाद !! काका:- सुन रे बौआ  देशक हाल बड बेहाल छै               जनता के लुईट लुईट चोर नेता सभ नेहाल छै  भतीजा:- सुन ह...

गजल@प्रभात राय भट्ट

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            गजल रिमझिम सावन बरसलै मोर अंगना देखू सखी अंगना चलीएलै मोर सजना अंगना में नाचाब हम खनका के कंगना जन्म जन्मक पियास मेटलै मोर...
शनिवार, 7 अप्रैल 2012

गजल@प्रभात राय भट्ट

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               गजल:- गजलक शब्द शब्द अछि हिरामोती जेना लगैय ज्योति जीवनक विछोड मिलन में गजल जेना लगैय मोती सोचक सागर में डूबी निकालैय कियो...
शुक्रवार, 6 अप्रैल 2012

गीत@प्रभात राय भट्ट

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     गीत@प्रभात राय भट्ट लग आऊ लग आऊ सजनी कने चूल्हा पजारैछि चूल्हा में आंच लगा कS सजनी अधन खौलाबैछि भूख अछ बड जोर लागल एखन धैर नहि भात...
मंगलवार, 3 अप्रैल 2012

गीत@प्रभात राय भट्ट

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गीत- जहिया सँ देखलौं हम हुनकर सुरतिया ईआद आबैय ओ हमरा आधी आधी रतिया पूर्णिमा के पूनम सन हुनकर सुरतिया हुनके रूप सँ होएत छैक सगरो ईजोरिया...
सोमवार, 2 अप्रैल 2012

गजल@प्रभात राय भट्ट

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                गजल:- ठुमैक ठुमैक नै चलू गोरी जमाना खराब छै मटैक मटैक  चलब कें जुर्वना वेहिसाब` छै जान मरैय सबहक अहाँक चौवनी मुश्कान अहि...
रविवार, 1 अप्रैल 2012

गजल@प्रभात राय भट्ट

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              गजल:- जिन्गी तोंहू केहन निर्दय निष्ठुर भSगेलाए छन में सभ सपना चकनाचूर कSदेलाए छोट छीन छल बसल हमर नव संसार संसार सं किएक...
शनिवार, 31 मार्च 2012

तुझे नेता कहू तो कैसे कहूँ ??@प्रभात राय भट्ट

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तुझे नेता कहू तो कैसे कहूँ ?? तुझ में नेतृत्व की क्षमता है ही  नहीं जो स्वार्थनीति में आसक्त हो ओ क्या जाने राजनीती राजनीती में जाहिल गव...
शुक्रवार, 30 मार्च 2012

गीत@प्रभात राय भट्ट

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गीत:- लचक लचक लचकै छौ गोरी तोहर पतरी कमरिया ठुमैक ठुमैक चलै छे गोरी गिरबैत बाट बिजुरिया //२       देख मोर रूपरंग मोन तोहर काटै चौ किये अहु...
गुरुवार, 29 मार्च 2012

गजल@प्रभात राय भट्ट

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                गजल फुलक डाएरह सुखल सुखल फुल अछी मुर्झाएल वितल वसंत आएल पतझर देख पंछी पड़ाएल भोग विलासक अभिलाषी प्राणी तोहर नै कुनु ठेग...

गजल@प्रभात राय भट्ट

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   गजल तड्पी तड्पी हम जीबैत छि कहू धनी अहाँ कोना रहैत छि एसगर निक नै लगैय धनी अहींक सुरता हम करैत छि हमरो विनु तडपैत छि अहाँ से...
सोमवार, 26 मार्च 2012

गजल@प्रभात राय भट्ट

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               गजल:- अप्पन आन सभ लेल अहाँ चिन्हार बनल छि आS हमरा लेल किएक अनचिन्हार बनल छि अहाँ एकौ घड़ी हमरा विनु नहीं रहैत छलौं आई कि...
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