शुक्रवार, 17 नवंबर 2017

माना कि राजेन्द्र महतो में अहंकार है जातिवाद का भी थोडी सी प्रचार है बोल्ने की तजुरबा भी थोडी सी लाचार है स्वर्थलोलुप्ता की भी चतुर आगार है परन्तु इस मानविय स्वभाव को अगर हम नजर अन्दाज करदे ।। तो राजेन्द्र में एक अद्भुत संचार है अपने मिटी मधेस के लिए पहरेदार है अधिकार कि लड़ाई उनके लिए त्योहार है तानाशाह खस शाशको के लिए ललकार है मधेस मुद्दों के लिए सदैव वफादार है मधेस आंदोलन की चाणक्य किरदार है मधेश बाद के लिए प्रबल विचार है मधेस के सत्रू हेतु प्रचण्ड प्रहार है वीर योद्धा की भांति जुनून सबार है मधेस के लिए मर मिटने को तैयार है इस लिए इस बार छाता छाप का प्रचार है और हर मधेसी को राजेन्द्र महतो स्वीकार है । रचनाकार प्रभात पूनम

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