शनिवार, 31 मार्च 2012

तुझे नेता कहू तो कैसे कहूँ ??@प्रभात राय भट्ट

तुझे नेता कहू तो कैसे कहूँ ??
तुझ में नेतृत्व की क्षमता है ही  नहीं
जो स्वार्थनीति में आसक्त हो
ओ क्या जाने राजनीती
राजनीती में जाहिल गवार हो तो क्या हुवा ?
तुम तो एक सौदागर हो
सौदा करने में माहिर भी हो
मुनाफा के लिए
गिरबी रख देते हो अपने माँ को
बेचदेते हो अपने वतन को
मोटी रकम मिलने पर
खुद भी बिक जाते हो

तुझे नेता कहू तो कैसे कहूँ ??
तुझ में नेतृत्व की क्षमता है ही नहीं
तिन पार्टी में तेरह गुट
पद पैसों  के लिए जाते हो फुट
तुम सारे के सारे पंगु नेता
स्वार्थलिप्सा में  हो वशीभूत  
ना तेरा कोई सिधान्त है
ना तेरा कोई जातपात है
तुम सारे गद्दार नेता का एकही जमात है

तुझे नेता कहू तो कैसे कहूँ ??
तुझ में नेतृत्व की क्षमता है ही नहीं
लूटपाट की खलबली मची है
तेरे घर की ईंट ईंट में
भ्रष्टाचारी की रंग लगी  है
तेरे बीबी की गहने में भी
भ्रष्टाचारी की छाप लगी है
तेरे बच्चो को सभी कहते है
गद्दार नेता तेरा बाप है
तू गद्दार की रजबीज का एक छाप है
भ्रष्टाचारी की बू
तेरे जिश्म से जाती ही नहीं  
लाज शर्म तो तुम्हे आती ही नहीं
तुझे नेता कहू तो कैसे कहूँ ??
तुझ में नेतृत्व की क्षमता है ही नहीं
रचनाकार:- प्रभात राय भट्ट

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